ट्रंप की सुरक्षा पर नजर रखने के लिए लगे 400 हाईटेक कैमरे, IAS, IPS नहीं पहन सकेंगे गोगल्स। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दो दिवसीय भारत दौरा 24 फरवरी से शुरु हो रहा है। भारत आने के बाद वह सबसे पहले अहमदाबाद जाएंगे, जहां उनके स्वागत की तैयारियों पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को यहां आयोजित नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में शिकरत करेंगे। अहमदाबाद में ट्रंप 3 घंटे ठहरेंगे, लेकिन सरकार ने इसके लिए 120 करोड़ रुपए कर दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे के समय सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती उनकी सुरक्षा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री मोदी एक अहमदाबाद में एक रोड शो करेंगे। इस दौरान 22 किलोमीटर के रूट पर 400 हाईटेक सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। ट्रंप की सुरक्षा के लिए किए जा रहे हाईटेक इंतजाम के तहत 40 कैमरे खास टेक्नोलॉजी के लगाए गए हैं। पूरी यात्रा के को-ऑर्डिनेशन के लिए IAS, IPS की 12 टीमें बनाई गई हैं।
ट्रंप के गुजरात दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम को देखते हुए पुलिस 24 फरवरी के पहले लगातार तीन दिन तक ग्राउंड रिहर्सल करेगी। आईएएस, आईपीएस को एंटी ग्लेयर चश्मा और गोगल्स नहीं पहनने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर एयरपोर्ट पर टेंट बनाए गए हैं। सेना के तीनों अंगों के जवान एयरपोर्ट पर ही ट्रंप व मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर देंगे।
गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तरप्रदेश, झारखंड, उडीसा, केरल, तमिलनाडु सहित विविध राज्यों के 52 सांस्कृतिक समूह अपनी कला का प्रदर्शन करते नजर आएंगे। अहमदाबाद एयरपोर्ट से निकलते ही ट्रंप का स्वागत पारंपरिक परिधानों में सजी धजी युवतियां गरबा करते हुए करेंगी।
शुक्रवार, 21 फ़रवरी 2020
ट्रायल बाय कोम्बैट हैरान कर देने वाला ऐक्ट
शख्स ने पत्नी से तलाक लेने पर रखी तलवारबाजी की शर्त, पूरा मामला हैरान करने वाला
आज के इस दौर में रिलेशनशिप कब टूट जाए कहना मुश्किल हैं। देखा जाता हैं कि अदालत में कई मामले आते है जिसमें लोग अपने पार्टनर से तलाक चाहते हैं। लेकिन इन्हीं में से कई किस्से बेहद अनूठे होते हैं जप सभी को हैरान कर देते हैं। ऐसा ही एक अनोखा किस्सा घटित हुआ अमेरिका की अदालत में जहां एक शख्स ने कहा कि उसे एक जापानी तलवार दी जाए, ताकि वह तलवारबाजी में अपनी पत्नी को हरा सके। उसके बाद ही वह तलाक लेगा। तो आइये जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।
यह मामला अमेरिका के कैनसास शहर का है। वही शख्स का नाम डेविड ऑस्ट्रॉम (40) बताया जा रहा है। दरअसल, डेविड और उनकी पूर्व पत्नी ब्रिगेट ऑस्ट्रॉम के बीच शेल्बी काउंटी की अदालत में तलाक के मामले की सुनवाई चल रही थी। जज थे जस्टिस क्रेग ड्रिसमायर। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डेविड ने अदालत में कहा कि उनकी पूर्व पत्नी ने कानूनी तौर पर उन्हें बिल्कुल तबाह कर दिया है। इसलिए उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि उन्हें अपनी पत्नी से तलवारबाजी करनी है और उसे लड़ाई में हराना है, इसलिए उन्हें इसकी इजाजत दी जाए। साथ ही इस लड़ाई के लिए डेविड ने अदालत से जापानी तलवार की भी मांग की।
चूंकि डेविड की इस अनोखी मांग से अदालत हैरान था, लेकिन उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका में अभी तक युद्ध से किसी मुकदमे के फैसले को प्रतिबंधित नहीं किया गया है। डेविड से अपनी मांग को जायज ठहराते हुए कहा कि वर्ष 1818 में ब्रिटिश अदालत में भी 'ट्रायल बाय कॉम्बैट' का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि माना जा रहा है कि इस तरह के कानून को अमेरिका की अदालत में स्वीकार करने की संभावना लगभग ना के बराबर है।
बता दें कि 1776 में अमेरिका की आजादी के बाद 'ट्रायल बाय कॉम्बैट' कानून को खत्म नहीं किया गया। अमेरिका को यह ब्रिटिश आम कानून से विरासत में मिला है। इस कानून का मतलब होता है कि किसी भी मुकदमे का फैसला युद्ध के जरिए करना। हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है जब अमेरिका में इस कानून के जरिए फैसले की मांग की गई है। अमेरिका में इससे पहले कई लोग इसकी मांग कर चुके हैं, लेकिन अदालत द्वारा उन्हें खारिज कर दिया गया था।
ट्रंप के स्वागत के लिये सजा आगरा ।
ताजमहल के आसपास की दीवारों पर ट्रंप और मोदी के हाथ मिलाते चित्र
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 फरवरी को अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं। इस दौरान वह ताजमहल देखने आगरा भी जाएंगे। ताज नगरी में सुरक्षा और साफ सफाई चाक-चौबंद कर दी गई है। ताजमहल के निकटवर्ती दीवारों पर नमस्ते ट्रंप, मोदी जी व ट्रंप के हाथ मिलाते चित्रों को उकेरा गया है।
आगरा और ताजमहल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत के लिए सजाया जा रहा है। ताजमहल की धुलाई की गई है। शाहजहां और मुमताज महल की कब्रों को मुल्तानी मिट्टी के लेप से चमकाया गया है। ट्रंप का काफिला जिस 13 किलोमीटर के रास्ते पर चलेगा उसको भी सजाया जा रहा है।
एयरपोर्ट से ताजमहल तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। हर चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों की नजर है। ताजमहल के पीछे बहने वाली यमुना की भी सफाई की गई है ताकि ट्रंप को यमुना के पानी की गंदगी नजर न आए।
ट्रंप के स्वागत के लिए ताजमहल के रास्ते पर स्कूली बच्चों के साथ ही आम लोग भी मौजूद रहेंगे। साथ ही 3 हजार कलाकार रास्ते में नृत्य भी करते दिखाई देंगे।
गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020
भचाउ पीआइ सीसोदिया की इमानदारी का इनाम सस्पेंड मीला
भचाउ:कच्छ में हर जगह दारु जुगार चोरी लुंटफाट मरडर जेसी धटनायें सामान्य हैं।धटनाओ को रोकने के लिये बहोत से इमानदार पुलिस अफसरस रात दिन अपने परिवार की चिंता कीये बिना डयुटी इमानदारी से निभाते हैं पर अफसोस की बात यह है के इमानदारी का इनाम सस्पेंड मिले तब???
ऐसी ही ऐक धटना भचाउ कच्छ पीआइ सीसोदिया साहब से ऐक महिना पहले धटी पीआइ सीसोदिया ने क्राइम रोकने के लिये बूटलेगरो को दबोचा तो चालाक और राजकीय वग रखने वाले बूटलेगरो ने होटल सागर के पीछे की जाडियो मेॉ दारु रखवा कर मोनिटरींग सेल से संपरक कर पीआइ सीसोदिया को सस्पेंड करवा कर अपना बदइरादा सफल बनाया।
इमानदारी का इनाम सस्पेंड???कच्छ आइ जी सर यह सचाइ है।पुलिस अफसरस को बिना जांच किये यही इनाम मिलता रहा तो बडे शरम की बात होगी।हमने खुद इस पुरी मेटर की सच्चाइ जानने के बाद ही यह मेटर लिखी है।
हम चाहते हैं के इस मेटर की जांच कर पीआइ सीसोदिया जी को न्याय मिलना चाहिये ओर क्राइम को रोकने वाले पुलिस अफसरो पर आरोप प्रत्यारोप लगें तब जांच कर कारयवाही की जानी चाहिये। जल्दबाजी में की गइ कारयवाही क्रिमिनलो का होसला बढाती है और बेरोकटोक क्राइम कर पुलिस को घमकाते रहते हैॉ यह सही नहीं है।हम आशा रखते हैं के पीआइ सीसोदिया को न्याय मिले और जल्द से जल्द इमानदार पुलिस अफसरस को फीर से डयुटी जोइंट करवा कर क्राइम पर रोक लगानी चाहिये।और
पुलिस अफसरसो को इमानदारी से फरज निभाने देना चाहिये।ऐसी ही ऐक धटना भचाउ कच्छ पीआइ सीसोदिया साहब से ऐक महिना पहले धटी पीआइ सीसोदिया ने क्राइम रोकने के लिये बूटलेगरो को दबोचा तो चालाक और राजकीय वग रखने वाले बूटलेगरो ने होटल सागर के पीछे की जाडियो मेॉ दारु रखवा कर मोनिटरींग सेल से संपरक कर पीआइ सीसोदिया को सस्पेंड करवा कर अपना बदइरादा सफल बनाया।
इमानदारी का इनाम सस्पेंड???कच्छ आइ जी सर यह सचाइ है।पुलिस अफसरस को बिना जांच किये यही इनाम मिलता रहा तो बडे शरम की बात होगी।हमने खुद इस पुरी मेटर की सच्चाइ जानने के बाद ही यह मेटर लिखी है।
हम चाहते हैं के इस मेटर की जांच कर पीआइ सीसोदिया जी को न्याय मिलना चाहिये ओर क्राइम को रोकने वाले पुलिस अफसरो पर आरोप प्रत्यारोप लगें तब जांच कर कारयवाही की जानी चाहिये। जल्दबाजी में की गइ कारयवाही क्रिमिनलो का होसला बढाती है और बेरोकटोक क्राइम कर पुलिस को घमकाते रहते हैॉ यह सही नहीं है।हम आशा रखते हैं के पीआइ सीसोदिया को न्याय मिले और जल्द से जल्द इमानदार पुलिस अफसरस को फीर से डयुटी जोइंट करवा कर क्राइम पर रोक लगानी चाहिये।और
शुक्रवार, 29 नवंबर 2019
सुरज को उग्ने से रोक सकता हुं कहने वाले बाबा के कुकर्म जानिये।
सूरज को उगने से रोकने का दावा करने वाले इस बाबा पर लड़की ने लगाये इल्जाम ।।गुजरात के अहमदाबाद में अपना आश्रम चलाने के लिए बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें बंधक बनाकर अनुयायियों से चंदा जुटाने के काम में लगाने के आरोप में स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
नई दिल्ली: विवादों में घिरा स्वयंभू बाबा नित्यानंद देश छोड़कर फरार हो गया है। गुजरात पुलिस ने इसकी जानकारी दी है। नित्यानंद के खिलाफ बुधवार को अहमदाबाद में मामला दर्ज किया गया था।
उस पर आरोप है कि अपना आश्रम चलाने के लिए बच्चों का अपहरण कर उनसे श्रद्धालुओं से चंदा जुटाने के लिए मजबूर करता था। स्वामी नित्यानंद के आश्रम में छुड़ाई गई एक नाबालिग लड़की ने मीडिया से बात करते हुए कई चौंकाने वाले खुलासे किये है।
उन्हें आश्रम में मानसिक अत्याचार का सामना करना पड़ा था। उनका कहना है कि उन्हें आधी रात को जगाकर भारी आभूषण पहनाए जाते और मेकअप कराके स्वामी नित्यानंद के लिए वीडियो बनाया जाता था।
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आश्रम से निकलने की नहीं थी छूट
उन्होंने बताया कि मेरी बड़ी बहने वहां से निकल नहीं पा रही थी, मैं इस बात की गवाह हूं कि स्वामी जी के सीधे निर्देश के बाद मेरी बहने ने वीडियो बनाए थे।
पीड़िता ने बताया कि आश्रम के लोग हमारे माता-पिता के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था और हमसे भी ऐसा ही करने के लिए कहा जाता था लेकिन हमने उसे करने से इनकार कर दिया।
पीड़िता ने आगे बताया कि आश्रम के प्रशासन ने आध्यात्मिक प्रक्रिया के नाम पर दो महीने तक एक कमरे में भी बंद कर दिया था।
बच्चों को अगवा करने पर केस दर्ज
गुजरात के अहमदाबाद में अपना आश्रम चलाने के लिए बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें बंधक बनाकर अनुयायियों से चंदा जुटाने के काम में लगाने के आरोप में स्वयंभू बाबा स्वामी नित्यानंद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि नित्यानंद के दो महिला अनुयायियों- साध्वी प्राण प्रियानंद और प्रियातत्व रिद्धि किरण को भी गिरफ्तार किया है। दोनों पर कम से कम चार बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने और उन्हें एक फ्लैट में बंधक बनाकर रखने का आरोप है।
आश्रम के लिए चंदा एकत्र करने के काम में इन बच्चों का इस्तेमाल बाल श्रमिक के तौर पर किया जा रहा था।
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कौन हैं स्वामी नित्यानंद?
स्वामी नित्यानंद का जन्म एक जनवरी, 1978 को तमिलनाड़ु के थिरुनामलाई में हुआ था। उन्होंने छोटी उम्र में ही संन्यास लेने का दावा किया था। बाद में उन्होंने ध्यानपीठम नाम से अपनी संस्था बनाई।
इन आरोपों से इतर नित्यानंद अजीबोगरीब बयान देने के कारण भी चर्चा में रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने दावा किया था कि वो गाय, बंदर और शेर की तमिल और संस्कृत में लोगों से बात करा सकते हैं।
नित्यानंद पर अभिनेत्री से रेप का आरोप
नित्यानंद पर एक तमिल अभिनेत्री के साथ रेप का आरोप है। लगभग नौ साल पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें नित्यनांद और अभिनेत्री आपत्तिजनक हालत में दिख रहे थे। कई टीवी चैनलों पर यह वीडियो चला था।
तब नित्यानंद ने कहा था कि यह वीडियो फर्जी है। जांच में उनकी बात झूठ साबित हुई। बाद में उन्होंने दूसरी दलील देते हए कहा कि उन्होंने सहमति से संबंध बनाए थे। उनकी इस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
बेटे के लिये चोदह लाख में बना डाली पांच करोर की कार
इस शख्स ने अपने बेटे के लिए 14 लाख रुपए में बना डाली 5 करोड़ की कार ।। लैंबोर्गिनी का नाम सुनते ही सबके दिमाग में रफ्तार और स्टाइल की बात आती है. जिसने भी इस कार को देखा या इसके बारे में सुना, वह यही चाहता है कि काश किसी तरह यह कार उसकी हो जाए. ऐसा ही सपना एक छोटे बच्चे ने भी देखा. एक वीडियो गेम खेलने के दौरान मासूम ने इस कार को देखा और उसने अपने पापा से इसे बनाने के बारे में पूछा. यह घटना अमेरिका की है. अमेरिका के कोलोराडो में रहने वाले स्टर्लिंग बैकस का बेटा एक दिन वीडियो गेम खेल रहा था, जिसमें लैंबोर्गिनी एवेंटाडोर कार का मॉडल था.
गेम खेलते हुए उनके बेटे ने स्टर्लिंग से पूछा- पापा क्या हम इसे बना सकते हैं. स्टर्लिंग अपने बेटे के मासूम सवाल से प्रभावित हुए. लेकिन उन्हें पता था कि वह पांच करोड़ की कीमत वाली स्टर्लिंग एवेंटाडोर नहीं खरीद सकते. उन्होंने बहुत सोचा और फिर विचार किया कि वह इसे खरीद नहीं सकते लेकिन बना तो सकते हैं. स्टर्लिंग कोलोराडो के केएमलैब्स में साइंटिफिक अफसर है. उन्होंने 3D प्रिंटर की मदद से लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर की हूबहू नकल तैयार की.
3D मॉडल बनाने के बाद इस कार का ढांचा बनाने के लिए उन्हें स्टील का चेसिस तैयार करना था. उन्होंने 300 से भी अधिक हॉर्सपावर की ताकत वाला कॉर्वेट एलएस1 वी8 इंजन फिट किया. लेकिन कार की बॉडी बनाने के लिए मैटेरियल चुनना सबसे बड़ा सवाल था. 3D प्रिंटर की मदद से प्लास्टिक से बनी चीजें बनाई जा सकती है. लेकिन प्लास्टिक के पिघलने का खतरा रहता है. इसीलिए उन्होंने हर पार्ट के ऊपर कार्बन फाइबर की परत चढ़ाकर उस पर पेंट कर दिया.
डिजाइन तैयार करने के लिए उन्होंने क्रिएलिटी सीआर-10 105 डेस्कटॉप 3डी प्रिंटर का इस्तेमाल किया, जिसमें उन्हें काफी समय लग गया. कार के फ्रंट ब्रेक के हिस्से को बनाने में ही उन्हें 52 घंटे लग गए. उन्होंने छोटे-छोटे टुकड़ों को जोड़कर पूरा डिजाइन बनाने के लिए यूट्यूब टूटोरिअल का सहारा लिया. खास बात तो यह है कि आप इस कार में बैठकर घूम सकते हैं. यह कार बनाने में लगभग 14.23 लाख खर्च हो गए. कार के बारे में स्टर्लिंग ने कहा कि वह लैंबॉर्गिनी एवेंटाडोर जैसी दिखने वाली कार बना रहे हैं. उनका मकसद है कि वह इस कार को स्कूलों में ले जाकर विज्ञान, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग के छात्रों को दिखाना चाहते हैं, ताकि छात्र उस कार से कुछ सीख सकें. ✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ--शेरखान जत**
गुरुवार, 28 नवंबर 2019
चीन में सोने की शौचालय ।
चीन इंटरनेशनल एक्सपो में 40,815 हीरे और सोने के शौचालय, जिनकी कीमत 8.5 करोड़ रुपये है ।दूसरे चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो में 8.5 करोड़ रुपये की सोने की वस्तु की घोषणा की गई है। कमोडिटी में 40,815 हीरे हैं। इस टॉयलेट को हांगकांग की आरोन शाम ज्वैलरी कंपनी ने डिजाइन किया था।
डायमंड को टॉयलेट सीट पर बुलेट प्रूफ ग्लास के अंदर रखा गया है। हीरे का वजन 334.68 कैरेट है। "हमने इस शौचालय को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए और हीरे जोड़ने की कोशिश की है," कंपनी ने कहा। अगर यह एक रिकॉर्ड बन जाता है, तो यह कंपनी का 10 वां विश्व रिकॉर्ड होगा।
एक्सपो को हीरे से ढके गिटार पर रखा गया है। इसका वजन 400 कैरेट है और इसकी लागत 14 करोड़ रुपये है। 10 नवंबर तक चलने वाले इस शो में दुनिया का सबसे तेज अल्ट्रा एयरक्राफ्ट 'द शार्क' भी है।
कोर्टो की अजीब गरीब सजायें जानिये..
यहां दी गईं दुनिया की सबसे अजीबो-गरीब सजाएं, जानकर हैरान रह जाएंगे ।। दुनिया के किसी भी देश में कोई भी अपराध करने पर सजा जरूर सुनाई जाती है. चाहे वह अपराध छोटा रहा हो या बड़ा. लेकिन कई देशों में कोर्ट ने अपराधी को ऐसी सजा सुनाई, जिसे सुनकर खुद अपराधी ही नहीं बल्कि लोग भी हैरान रह गए. आज हम आपको ऐसी ही कुछ अजीबो-गरीब सजाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.
सबसे पहले बात करते हैं अमेरिका के मिसौरी में रहने वाले डेविड बेरी को मिली सजा के बारे में. दरअसल, डेविस बेरी ने एक बार सैकड़ों हिरणों का शिकार कर दिया. उसके बाद साल 2018 में डेविस को इस जुर्म का दोषी पाते हुए अदालत ने उसे सजा सुनाई. अदालत ने उसे सजा सुनाते वक्त कहा कि डेविस एक साल तक जेल में रहकर महीने में कम से कम एक बार डिज्नी का बाम्बी कार्टून देखेगा.
इसके अलावा में दो युवकों को कोर्ट ने अनोखी सजा सुनाई थी. दरअसल, साल 2003 में अमेरिका के शिकागो में रहने वाले दो लड़कों ने क्रिसमस की शाम चर्च से ईसा मसीह की मूर्ति चुराई थी. उसके बाद उन्होंने मूर्ति को नुकसान भी पहुंचाया था. इस जुर्म का दोषी पाते हुए कोर्ट ने उन्हें 45 दिन के लिए जेल की सजा सुनाई गई थी. इसके अलावा उन्हें अपने गृहनगर में एक गधे के साथ मार्च करने का भी आदेश दिया गया था.
अमेरिका के ही ओकलाहोमा में रहने वाले 17 साल के टाइलर एलरेड को भी कोर्ट ने अनोखी सजा दी. जो शायद ही कभी किसी को मिली हो. दरअसल, टाइलर एलरेड ने शराब पीकर गाड़ी चलाई जिससे गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई. जिसमें टाइलर के एक दोस्त की मौत हो गई थी. यह घटना साल 2011 की है. चूंकि टाइलर उस समय हाई स्कूल में पढ़ते था, इसलिए अदालत ने उन्हें हाई स्कूल और ग्रेजुएशन खत्म करने के अलावा साल भर के लिए ड्रग, शराब और निकोटिन टेस्ट करवाने के साथ ही 10 साल तक चर्च जाने की सजा सुनाई थी.
वहीं स्पेन के एंडालूसिया में रहने वाले 25 साल के एक युवक के माता-पिता ने उसे पॉकेट मनी देनी बंद कर दी थी, जिसके बाद वह इस मामले को अदालत में ले आया. हालांकि अदालत ने उल्टे उसी को सजा सुना दी कि अगले 30 दिन के अंदर उसे उसके माता-पिता का घर छोड़ना पड़ेगा और अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ेगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2008 में एंड्रयू वेक्टर पर अपनी कार में तेज आवाज में संगीत सुनने पर 120 पाउंड लगाया था. वो अपना पसंदीदा संगीत 'रैप' सुन रहा था. हालांकि बाद में जज ने कहा कि वह जुर्माने की रकम घटाकर 30 पाउंड कर देंगे, बशर्ते कि वेक्टर को 20 घंटों तक बीथोवन, बाख और शोपेन का शास्त्रीय संगीत सुनना होगा.
*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत..*
बुधवार, 27 नवंबर 2019
अपराघि लोगो की होती है पुजा अजीब है ना??
इस देश में अपराधियों को भगवान की तरह पूजा जाता है, ।। ब तक हम सभी ने भगवान और देवी-देवताओं की पूजा की कहानियां सुनी होंगी। लेकिन ऐसा कोई नहीं होगा जो अपराधियों से दूर रहना पसंद नहीं करता। समाज ऐसे लोगों के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहता है और न ही उन्हें अपने घरों में आने देता है। लेकिन हमारे समाज में, एक ऐसा देश है जो इन अपराधियों की पूजा करता है। यहां के लोग भगवान की तरह अपराधियों की पूजा करते हैं। यह सब सुनकर आपको थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन यही सच है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लैटिन अमेरिका के वेनेजुएला में लोग अपराधियों की पूजा करते हैं। यहां के लोग उन अपराधियों की पूजा करते हैं जो इस दुनिया से होकर गुज़रे हैं। स्पैनिश में, इन आपराधिक देवताओं को सैंटोस मालैंड्रोस कहा जाता है। पहले के समय के सभी कुख्यात अपराधियों को ऐसी जगह पर रखा गया है जहाँ लोग दूर-दूर से आते हैं।
वही कुछ लोगों का कहना है कि वेनेजुएला में, जनता के बीच इन अपराधियों की छवि रॉबिनहुड की रही है। इन सभी अपराधियों ने अमीरों का धन लूट लिया और इसे गरीबों में बाँट दिया। यहां के लोग इन अपराधियों की पूजा करते हैं क्योंकि उन्होंने किसी को नहीं मारा। केवल अमीरों को लूटा और गरीबों को लूटा। स्थानीय लोगों का मानना है कि मानलेन्द्रो ने एक अच्छा काम किया है जिसके लिए उन्हें कुछ इनाम दिया जाना चाहिए। अगर उनकी पूजा नहीं की गई, तो वे हमसे नाराज हो जाएंगे। जिस तरह हमारे भारत में एक मन्नत पूरी होने पर मन्नत मांगी जाती है, उसी तरह वेनेजुएला के सैंटोस मलंद्रोस को भी दी जाती है।
सूत्रों के अनुसार, यदि वेनेजुएला में कोई व्यक्ति किसी बात से परेशान है, तो वह मालैंड्रो से मन्नत मांगता है। काम पूरा होने के बाद, इन सैंटोस मालेंड्रो को प्रसाद में शराब दी जाती है। लोगों का मानना है कि वे खुश हैं और उन्हें एक वरदान देते हैं और उनका काम पूरा हो गया है। लोग सलाह देते हैं कि इन अपराधियों को प्रसाद में अधिक शराब नहीं दी जानी चाहिए। अन्यथा, वे इस काम को छोड़ देंगे और जश्न मनाने के लिए उत्साहित होंगे। बेहतर होगा कि उन्हें चखने के लिए बीयर दी जाए ताकि लोगों का काम भी बन सके।*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत..*
मंगलवार, 26 नवंबर 2019
बिहार:मोब लिचिंग में मरा हुआ शख्स जिंदा वापस लोटा
मॉब लिंचिंग में 'मारा गया' था शख्स, श्राद्ध के बाद वापस लौटा ।।। बिहार के पटना में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां मॉब लिंचिंग में मारा गया एक शख्स वापस जिंदा लौट आया. शख्स को भीड़ ने बच्चा चोर समझकर मार दिया था. शख्स को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई.
घटना 10 अगस्त की है, पटना के नौबतपुर के महमदपुर गांव में भीड़ ने कृष्णा मांझी को बच्चा चोर समझकर मार दिया था. इतना ही नहीं पुलिस ने मॉब लिंचिंग में हत्या का केस दर्ज करके 23 आरोपियों को जेल भी भेज दिया था.
शख्स की पत्नी ने बताया कि पुलिस ने उसे एक शव दिखाकर कहा कि चेहरा साफ नहीं दिख रहा लेकिन यही तुम्हारे पति हैं. पुलिस के कहने पर वह शव लेकर चली गई और कर्ज लेकर उसका श्राद्ध किया था.
दरअसल, हुआ यह कि जो कृष्णा जिंदा वापस आया वह रानी तालाब थाना के निसरपुरा का है और जो कृष्णा मारा गया वह दूसरा था, उसकी पहचान नहीं हो सकी और पुलिस निसरपुरा के कृष्णा के मारे जाने की बात समझ बैठी थी.
अब नौबतपुर थाने की पुलिस सफाई दे रही है कि जो कृष्णा जिंदा लौटा है और जो मारा गया, दोनों के हाथ में गोदना था और कृष्णा मांझी लिखा था. जबकि सिटी एसपी ने भी कहा कि जो कृष्णा जिंदा है उसके हाथ में गोदना नहीं है.
कृष्णा के लौटने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी कि आखिर वह कृष्णा मांझी कौन था जिसकी मॉब लिंचिंग हो गई थी और जिसे भीड़ ने मार दिया था.
मसौढ़ी के भट्ठा पर काम करने वाला कृष्णा जब गुरुवार को जिंदा लौटा तो उसने कहा कि मैं तो काम करने बाहर गया था, मुझे क्या पता कि मेरे बारे में यहां क्या हो गया है. हालांकि अब जांच शुरू हो गई है.
*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत..*
सोमवार, 25 नवंबर 2019
गरीब देश के राजा ने बीवीयो के लिये खरीदी सो करोर की कारें।
15 पत्नियों संग रहता है गरीब देश का राजा, बीवी के लिए खरीदी सौ करोड़ की कारें ।उनका देश दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है.
करीब 60 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं. लेकिन इस देश के राजा बेहद लग्जीरियस लाइफ जीने में कोई कमी नहीं छोड़ते. ये कहानी है
अफ्रीकी देश स्वाजिलैंड (नया नाम ईस्वातिनी) की. स्वाजिलैंड के राजा मस्वति-3 की 15 पत्नियां हैं. उन्होंने हाल ही में पत्नियों के लिए 119 करोड़ रुपये की लग्जरी कारें खरीदी हैं जिस पर काफी सवाल उठा रहे हैं. स्वाजिलैंड कई कारणों से बदनाम रहा है. यहां बहुविवाह वैध है. इस वक्त राजा की 15 पत्नियां हैं. जबकि उनकी एक पत्नी की मौत हो चुकी है. स्वाजिलैंड में हर साल टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड होती है. इस दौरान हर साल राजा अपने लिए एक नई पत्नी चुनते हैं. जो लड़कियां इस परेड में नहीं आती हैं उन्हें कई तरह से सजा दी जाती है. टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड से राजा के पत्नी चुनने वाली इस प्रथा पर सवाल उठते रहे हैं. हालांकि, इसे तमाम विरोध के बावजूद बंद नहीं किया गया है. हाल ही में राजा ने अपनी 15 पत्नियों के लिए 15 Rolls-Royces और दर्जनों BMW कारें खरीदी हैं. पिछले साल अपने बर्थडे के मौके पर राजा ने अपने देश का नाम ही बदल दिया था. उन्होंने देश का नाम Swaziland से बदलकर eSwatini कर दिया था. हालांकि, आज भी ज्यादातर लोग इसे Swaziland के नाम से ही जानते हैं. news.com.au की रिपोर्ट के मुताबिक, राजा खुद 1434 करोड़ के मालिक समझे जाते हैं. उनके पास प्राइवेट जेट्स के लेकर खुद के एयरपोर्ट तक हैं. 2014 में उन्होंने अपने घर का सालाना बजट 437 करोड़ रुपये कर दिया था. एक बार फिर से अपने परिवार पर भारी रकम बर्बाद करने के लिए आम नागरिक राजा का विरोध कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने लग्जरी कारों पर 119 करोड़ रुपये खर्च करने के राजा के फैसले का कड़ा विरोध किया है. करीब 13 लाख की आबादी वाला स्वाजिलैंड अफ्रीका में स्थित देश है. स्वाजिलैंड के पड़ोसी देश दक्षिण अफ्रीका और मोजैम्बिक हैं. कैसे राजा चुनते हैं वर्जिन पत्नी स्वाजिलैंड में हर साल रीड डांस सेरेमनी आयोजित की जाती है. सितंबर में आयोजित होने वाली इस सेरेमनी में हजारों की संख्या में (40 हजार तक) वर्जिन लड़कियां हिस्सा लेती हैं. खुली छाती में लड़कियों से परेड कराया जाता है. रीड डांस सेरेमनी की परंपरा के मुताबिक, राजा को ये अधिकार है वे हर साल इनमें से किसी एक लड़की को अपनी नई पत्नी के रूप में चुन सकते हैं. कई लड़कियों ने बीते सालों में इस पर सवाल उठाए थे और कहा था कि परेड में हिस्सा नहीं लेने पर उनके परिवार को जुर्माना देना होता है. स्वाजिलैंड के राजा काफी बड़े परिवार के साथ रहते हैं. 15 पत्नियों के साथ रहने वाले राजा के 25 से अधिक बच्चे हैं. बीते साल राजा की एक पत्नी की मौत हो गई थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 37 साल की सेंतनी मसान्गो ने कथित तौर से आत्महत्या कर ली थी.
करीब 60 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं. लेकिन इस देश के राजा बेहद लग्जीरियस लाइफ जीने में कोई कमी नहीं छोड़ते. ये कहानी है
अफ्रीकी देश स्वाजिलैंड (नया नाम ईस्वातिनी) की. स्वाजिलैंड के राजा मस्वति-3 की 15 पत्नियां हैं. उन्होंने हाल ही में पत्नियों के लिए 119 करोड़ रुपये की लग्जरी कारें खरीदी हैं जिस पर काफी सवाल उठा रहे हैं. स्वाजिलैंड कई कारणों से बदनाम रहा है. यहां बहुविवाह वैध है. इस वक्त राजा की 15 पत्नियां हैं. जबकि उनकी एक पत्नी की मौत हो चुकी है. स्वाजिलैंड में हर साल टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड होती है. इस दौरान हर साल राजा अपने लिए एक नई पत्नी चुनते हैं. जो लड़कियां इस परेड में नहीं आती हैं उन्हें कई तरह से सजा दी जाती है. टॉपलेस कुंवारी लड़कियों की परेड से राजा के पत्नी चुनने वाली इस प्रथा पर सवाल उठते रहे हैं. हालांकि, इसे तमाम विरोध के बावजूद बंद नहीं किया गया है. हाल ही में राजा ने अपनी 15 पत्नियों के लिए 15 Rolls-Royces और दर्जनों BMW कारें खरीदी हैं. पिछले साल अपने बर्थडे के मौके पर राजा ने अपने देश का नाम ही बदल दिया था. उन्होंने देश का नाम Swaziland से बदलकर eSwatini कर दिया था. हालांकि, आज भी ज्यादातर लोग इसे Swaziland के नाम से ही जानते हैं. news.com.au की रिपोर्ट के मुताबिक, राजा खुद 1434 करोड़ के मालिक समझे जाते हैं. उनके पास प्राइवेट जेट्स के लेकर खुद के एयरपोर्ट तक हैं. 2014 में उन्होंने अपने घर का सालाना बजट 437 करोड़ रुपये कर दिया था. एक बार फिर से अपने परिवार पर भारी रकम बर्बाद करने के लिए आम नागरिक राजा का विरोध कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने लग्जरी कारों पर 119 करोड़ रुपये खर्च करने के राजा के फैसले का कड़ा विरोध किया है. करीब 13 लाख की आबादी वाला स्वाजिलैंड अफ्रीका में स्थित देश है. स्वाजिलैंड के पड़ोसी देश दक्षिण अफ्रीका और मोजैम्बिक हैं. कैसे राजा चुनते हैं वर्जिन पत्नी स्वाजिलैंड में हर साल रीड डांस सेरेमनी आयोजित की जाती है. सितंबर में आयोजित होने वाली इस सेरेमनी में हजारों की संख्या में (40 हजार तक) वर्जिन लड़कियां हिस्सा लेती हैं. खुली छाती में लड़कियों से परेड कराया जाता है. रीड डांस सेरेमनी की परंपरा के मुताबिक, राजा को ये अधिकार है वे हर साल इनमें से किसी एक लड़की को अपनी नई पत्नी के रूप में चुन सकते हैं. कई लड़कियों ने बीते सालों में इस पर सवाल उठाए थे और कहा था कि परेड में हिस्सा नहीं लेने पर उनके परिवार को जुर्माना देना होता है. स्वाजिलैंड के राजा काफी बड़े परिवार के साथ रहते हैं. 15 पत्नियों के साथ रहने वाले राजा के 25 से अधिक बच्चे हैं. बीते साल राजा की एक पत्नी की मौत हो गई थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 37 साल की सेंतनी मसान्गो ने कथित तौर से आत्महत्या कर ली थी.
*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत..*
बिना टिकट कबूतर ने की सैर फंसा कंडकटर
बिना टिकट कबूतर ने की सैर, नोटिस से बुरा फंसा बस कंडक्टर । हां इन दिनों तमिलनाडु का यह मामला काफी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मामला छाया है। मामला कुछ इस तरह से है। हाल ही में तमिलनाडु स्टेट ट्रांसपॉर्ट कॉपोरेशन की बस हरूर से एलावडी की ओर जा रही थी। इस दौरान बीच रास्ते में टिकट चेक करने वाले इंस्पेक्टर बस में चढ़ गए। उन्होंने सभी यात्रियों के पास टिकट देखें। तभी उनकी नजर एक यात्री के बगल में खिड़की पर बैठे एक कबूतर पर पड़ गई। इस पर टिकट चेक करने वाले कर्मियों ने उस यात्री से कहा कि कबूतर का टिकट दिखाओ। इस पर यात्री ने साफ मना कर दिया और बहस करने लगा। इसके बाद टिकट चेक करने वाले कर्मियों ने कंडक्टर से कबूतर के बारे में पूछा कि क्या उसने कबूतर का टिकट काटा है तो कंडक्टर ने ना में जवाब दिया।
कंडक्टर का कहना था कि जब यह यात्री बस में चढ़ा था तो इसके पास कबूतर नहीं था। बाद में यह उसके पास खिड़की पर कैसे आया उसने नहीं देखा। इस दौरान टिकट चेक करने वाले इंस्पेक्टर ने कंडक्टर को परिवहन विभाग के नियमों का हवाला दिया। जिनके मुताबिक अगर यात्री के साथ कोई जानवर या पक्षी बस में यात्रा कर रहा है कि तो उसका टिकट बनना भी अनिवार्य है। इसके बाद अधिकारियों ने बस कंडक्टर की एक बात नहीं सुनी और उसके नाम नोटिस जारी कर दिया। हालांकि इस संबंध में एक विभागीय अधिकारी का कहना है कि बिना टिकट तब एक्शन लिया जाता है जब यात्री 30 से अधिक कबूतर ले जा रहा होता है। उनका किराया यात्री किराए का चौथाई होता है।*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत..*
रविवार, 24 नवंबर 2019
देखना चाहेंगे भगवान का चेहरा?
वैज्ञानिकों ने तैयार किया स्केच, ऐसा होता है भगवान का चेहरा!!! यूनिवर्सिटी ऑफ़ नार्थ कैलिफ़ोर्निया के चेपल हिल पर चित्र बनाया गया (प्रतीकात्मक फोटो)
क्या आप जानते हैं की ईश्वर कैसा दिखता है? यूं तो हमारे पास करोड़ों देवी देवता हैं लेकिन अगर सभी को मिलकर जो एक ईश्वर है अगर हमें उसका चेहरा देखना हो कैसे देखेंगे?
ईश्वर का चेहरा अब वैज्ञानिकों ने खोज लिया है. उनका कहना है की ईश्वर का चेहरा किसी युवा और खूबसूरत स्त्री जैसा है. भारत में अभी ऐसा कुछ रिसर्च नहीं हुआ है लेकिन अमरीकी वैज्ञानिकों ने बहुत सारे अमरीकी चेहरों पर रिसर्च करके ईश्वर का एक स्केच बनाया है.
सबसे ज़्यादा मज़े की बात यह रही कि अमरीकी ईसाईयों ने ईश्वर के चेहरे को बूढा नहीं बल्कि जवान बताया और उसी आधार पर रिसर्च की गई. वैज्ञानिकों और मनोवैज्ञानिकों ने 511 अमरीकी ईसाईयों की मदद से यूनिवर्सिटी ऑफ़ नार्थ कैलिफ़ोर्निया के चेपल हिल पर यह चित्र बनाया.
अध्ययन में भाग लेने वालों ने सैकड़ों लोगों ने रूप अलग-अलग चेहरे जोड़े और चुना कि प्रत्येक जोड़े से कौन सा चेहरा वैसे दिखाई देता है जैसे कि उन्होंने भगवान को प्रकट करने की कल्पना की.
सभी चयनित चेहरों को संयोजित करके, शोधकर्ताओं ने एक समग्र 'ईश्वर का चेहरा' इकट्ठा किया जो दर्शाता था कि प्रत्येक व्यक्ति ने भगवान को कैसे प्रकट किया. उनके परिणाम आश्चर्यजनक थे. माइकल एंजेलो से मॉन्टी पायथन तक, भगवान के चित्रों ने लगभग हमेशा उन्हें पुराने और विशाल सफेद दाढ़ी वाले कोकेशियान आदमी के रूप में दिखाया है लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया कि कई ईसाईयों ने भगवान को छोटी, अधिक स्त्री, और कम कोकेशियान के रूप में देखा.
वास्तव में, भगवान की लोगों की धारणाओं ने आंशिक रूप से अपने राजनीतिक विचारधारा पर भरोसा किया.
लिबरल ने ईश्वर को अधिक स्त्री, छोटे, और अधिक प्यार भरे रूप में भगवान को देखा. कंज़रवेटिव ने भगवान को कोकेशियान और उदारवादियों से अधिक शक्तिशाली देखा.
अध्ययन के मुख्य लेखक जोशुआ कॉनराड जैक्सन ने सुझाव दिया, 'ये पूर्वाग्रह उस तरह के समाजों से उभरे हैं जिन्हें उदारवादी और रूढ़िवादी चाहते हैं.'
'पिछले शोध से पता चलता है कि उदारवादियों से ज़्यादा एक सुव्यवस्थित समाज में रहने के लिए रूढ़िवादी चाह रखते हैं, और चाहते हैं कि शक्तिशाली भगवान द्वारा दुनिया चलाई जाए.'
दूसरी तरफ, उदारवादी सहिष्णु समाज में रहना चाहते हैं, और सोचते हैं की एक प्रेम से भरे भगवान द्वारा बेहतर विनियमित किया जाएगा.' लोगों की धारणाएं भी अपनी जनसांख्यिकीय विशेषताओं से संबंधित हैं. छोटे कद काठी के लोग एक छोटे से दिखने वाले भगवान में विश्वास करते थे.
जो लोग शारीरिक रूप से आकर्षक थे वे अधिक शारीरिक रूप से आकर्षक भगवान में विश्वास करते हैं.
और अफ्रीकी अमेरिकियों ने एक ऐसे भगवान में विश्वास किया जो काकेशियन लोगों की तुलना में अधिक अफ्रीकी अमेरिकी दिखता हो. .
यह पूरी रिसर्च पत्रिका पीएलओएस वन में प्रकाशित कि गयी थी. आप इसे यहां पढ़ सकते हैं.
*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत..*
महाराष्ट्र ड्रामा:विघायक गायब!पुलिस फरियाद
महाराष्ट्र : पुलिस में एक MLA के गायब होने की शिकायत, दूसरे को खींचते हुए NCP ऑफिस लेकर आए शिवसैनिक
24 Nov. 2019 मुंबई. महाराष्ट्र में राजनीतिक उलटफेर के बीच शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने अपने एक विधायक के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है। महाराष्ट्र में जिस तरह के राजनीतिक माहौल हैं उसमें विधायकों की वैल्यू काफी बढ़ गई है। सभी पार्टियां अपने-अपने विधायकों को सुरक्षित रखने और गायब विधायकों की धरपकड़ में लगी हैं। इस बीच लोकल रिपोर्ट्स की खबर है कि एक विधायक को शिवसेना नेताओं ने खोजकर एनसीपी के हवाले किया। लोकल मराठी रिपोर्ट्स के मुताबिक यशवंतराव चव्हाण सेंटर में शनिवार शाम को एनसीपी नेताओं की बैठक थी। सेंटर के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा थी। इस दौरान एक गाड़ी वहां पहुंचती है। कार से शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे, शशिकांत शिंदे नीचे उतरते नजर आते हैं। इन्हीं के साथ-साथ मिलिंद नार्वेकर एक व्यक्ति को कंधे से पकड़कर बाहर खींचते नजर आते हैं।
शिवेसेना के नेताओं ने पकड़ा
भारी भीड़ के बीच शिवसेना के नेता इस व्यक्ति को लेकर सेंटर में दाखिल होते हैं। बाद में पता चला कि ये शख्स कोई और नहीं विधायक संजय बनसोडे हैं। कहा जा रहा है कि अजित पवार खेमे में जाने वाले विधायकों में संजय का भी नाम शामिल है। हालांकि शिवसेना नेताओं के पास पहुंचने पर उन्होंने कहा कि वो कहीं गायब नहीं हुए थे और वो अब भी शरद पवार और पार्टी के साथ ही हैं। उधर, शाहपुर के एनसीपी विधायक दौलत दरोदा सुबह दक्षिण मुंबई में अजित पवार के साथ राजभवन पहुंचने के बाद से लापता हो गए। शनिवार को सुबह राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
मुंबई पहुंचने के बाद नहीं हो पाया विधायक से संपर्क
एक अधिकारी के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई/भाषा ने बताया कि दरोदा अपने बेटे करण के साथ शुक्रवार रात ठाणे में अपने निर्वाचन क्षेत्र से निकले थे और मुंबई पहुंचने के बाद से उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। पूर्व विधायक पांडुरंग बरोड़ा शाहपुर थाना पहुंचे और दरोदा के लापता होने के बारे में शिकायत दर्ज कराई।
विधायक के बेटे ने क्या कहा?
दरोदा के बेटे करण ने मुंबई में संवाददताओं से कहा कि उनके पिता शनिवार सुबह से ही उनसे संपर्क में नहीं है । करण ने कहा कि उनके पिता एनसीपी चीफ शरद पवार के साथ ही हैं। ✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत*
महाराष्ट् बिना केबिनेट की मंजुरी हटा राष्ट्रपति शासन?कैसै? जानिये
बिना कैबिनेट की मंजूरी के इस नियम के तहत हटा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन।।।।। हाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले पर संविधान विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय रखी है.
महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले पर संविधान विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय रखी है.
दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार की सुबह देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को मुख्यमंत्री (CM) पद की शपथ दिलाई. राजभवन में उनके साथ ही अजीत पवार (Ajit Pawar) को उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) पद के लिए शपथ दिला दी गई. जिसके साथ ही 1 महीने से महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक गतिरोध का अंत हो गया.
लेकिन इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस (Congress) की ओर से ऐसे अचानक सरकार गठन की मंजूरी देने के लिए राज्यपाल (Governor) पर भी सवाल उठाए गए हैं.
बिना कैबिनेट की मंजूरी के हटाया गया राष्ट्रपति शासन
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी नहीं ली गई. इसका निर्णय प्रधानमंत्री ने स्वयं लिया. भारत सरकार ( कार्य-संचालन) नियम (THE GOVERNMENT OF INDIA TRANSACTION OF BUSINESS RULES) के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 77 की तीसरी उपधारा के मुताबिक सरकार के कामकाज को बिना बाधा के चलाने के लिए राष्ट्रपति ने कुछ नियम बनाए थे.
राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा ये नियम 4 जनवरी, 1961 को लागू किए गए थे. इन्हीं नियमों में 12वें नियम के मुताबिक प्रधानमंत्री (PM) किसी भी मामले या किसी भी वर्ग के मामले में अनुमति दे सकता है या नियमों से प्रस्थान कर सकता है. वह जिस हद तक इसे जरूरी समझता है (उस हद तक नियमों से प्रस्थान कर सकता है). इसी का प्रयोग करते हुए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाया गया.
राज्यपाल के निर्णय को नहीं दी जा सकती कोर्ट में चुनौती
इस मामले में संविधान विशेषज्ञ (Constitution Specialist) पीडीटी आचार्य का कहना है कि किसे मुख्यमंत्री नियुक्त करना है यह राज्यपाल के विवेक पर निर्भर करता है वह अगर संतुष्ट हैं तो वह मुख्यमंत्री नियुक्त कर सकते हैं. आमतौर पर राज्यपाल विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी से बहुमत का फैसला करते हैं लेकिन यह कोई अनिवार्य शर्त नहीं है. राज्यपाल द्वारा अपने विवेक से लिए गए निर्णय को किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती.
प्रोटेम स्पीकर भी करवा सकते हैं बहुमत परीक्षण
इन सभी विधायकों पर एंटी डिफेक्शन लॉ (Anti-Defection Law) लागू होगा लेकिन उसके बारे में फैसला विधानसभा स्पीकर को करना होता है तो यह महत्वपूर्ण होगा कि विधान सभा स्पीकर कौन होंगे. प्रोटेम स्पीकर के पास स्पीकर के सभी अधिकार होते हैं इसलिए अगर वह चाहें तो बहुमत परीक्षण भी करवा सकते हैं, जरूरी नहीं कि नए स्पीकर के चुनाव के बाद बहुमत परीक्षण हो.
सवेरे 05:47 बजे जारी किए गजट नोटिफिकेशन के जरिए हटा राष्ट्रपति शासन
बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) ने सुबह एक समारोह में दोनों को शपथ दिलायी जहां केवल आधिकारिक मीडिया ही मौजूद रही. महाराष्ट्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के सवेरे 05:47 बजे जारी किए गजट नोटिफिकेशन के जरिए राष्ट्रपति शासन हटाया गया.✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत* 
महाराष्ट् बिना केबिनेट की मंजुरी हटा राष्ट्रपति शासन?कैसै? जानिये
बिना कैबिनेट की मंजूरी के इस नियम के तहत हटा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन।।।।। हाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले पर संविधान विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय रखी है.
महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले पर संविधान विशेषज्ञों ने अपनी-अपनी राय रखी है.
दिल्ली. महाराष्ट्र (Maharashtra) में अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम के तहत राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार की सुबह देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को मुख्यमंत्री (CM) पद की शपथ दिलाई. राजभवन में उनके साथ ही अजीत पवार (Ajit Pawar) को उप मुख्यमंत्री (Deputy CM) पद के लिए शपथ दिला दी गई. जिसके साथ ही 1 महीने से महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक गतिरोध का अंत हो गया.
लेकिन इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है. कांग्रेस (Congress) की ओर से ऐसे अचानक सरकार गठन की मंजूरी देने के लिए राज्यपाल (Governor) पर भी सवाल उठाए गए हैं.
बिना कैबिनेट की मंजूरी के हटाया गया राष्ट्रपति शासन
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी नहीं ली गई. इसका निर्णय प्रधानमंत्री ने स्वयं लिया. भारत सरकार ( कार्य-संचालन) नियम (THE GOVERNMENT OF INDIA TRANSACTION OF BUSINESS RULES) के मुताबिक संविधान के अनुच्छेद 77 की तीसरी उपधारा के मुताबिक सरकार के कामकाज को बिना बाधा के चलाने के लिए राष्ट्रपति ने कुछ नियम बनाए थे.
राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा ये नियम 4 जनवरी, 1961 को लागू किए गए थे. इन्हीं नियमों में 12वें नियम के मुताबिक प्रधानमंत्री (PM) किसी भी मामले या किसी भी वर्ग के मामले में अनुमति दे सकता है या नियमों से प्रस्थान कर सकता है. वह जिस हद तक इसे जरूरी समझता है (उस हद तक नियमों से प्रस्थान कर सकता है). इसी का प्रयोग करते हुए महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाया गया.
राज्यपाल के निर्णय को नहीं दी जा सकती कोर्ट में चुनौती
इस मामले में संविधान विशेषज्ञ (Constitution Specialist) पीडीटी आचार्य का कहना है कि किसे मुख्यमंत्री नियुक्त करना है यह राज्यपाल के विवेक पर निर्भर करता है वह अगर संतुष्ट हैं तो वह मुख्यमंत्री नियुक्त कर सकते हैं. आमतौर पर राज्यपाल विधायकों के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी से बहुमत का फैसला करते हैं लेकिन यह कोई अनिवार्य शर्त नहीं है. राज्यपाल द्वारा अपने विवेक से लिए गए निर्णय को किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती.
प्रोटेम स्पीकर भी करवा सकते हैं बहुमत परीक्षण
इन सभी विधायकों पर एंटी डिफेक्शन लॉ (Anti-Defection Law) लागू होगा लेकिन उसके बारे में फैसला विधानसभा स्पीकर को करना होता है तो यह महत्वपूर्ण होगा कि विधान सभा स्पीकर कौन होंगे. प्रोटेम स्पीकर के पास स्पीकर के सभी अधिकार होते हैं इसलिए अगर वह चाहें तो बहुमत परीक्षण भी करवा सकते हैं, जरूरी नहीं कि नए स्पीकर के चुनाव के बाद बहुमत परीक्षण हो.
सवेरे 05:47 बजे जारी किए गजट नोटिफिकेशन के जरिए हटा राष्ट्रपति शासन
बता दें कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) ने सुबह एक समारोह में दोनों को शपथ दिलायी जहां केवल आधिकारिक मीडिया ही मौजूद रही. महाराष्ट्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के सवेरे 05:47 बजे जारी किए गजट नोटिफिकेशन के जरिए राष्ट्रपति शासन हटाया गया.✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत*
महाराष्ट्र उथल पुथल पुरा धटनाक्रम पढीये।
महाराष्ट्र: शपथ ग्रहण से लेकर अजित पवार पर कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में याचिका तक, पढ़ें, NCP और कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार गठन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई हैं (फाइल फोटो) शिवसेना, NCP और कांग्रेस महाराष्ट्र में सरकार गठन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई है मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार सुबह घटे एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के तहत बीजेपी के देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार (Ajit Pawar) ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. इस शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना गठबंधन में खलबली मच गई. बता दें कि शुक्रवार देर शाम ही तीनों पार्टियों ने मीटिंग की थी और उसके बाद शरद पवार ने खुद ऐलान किया था कि उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के सीएम होंगे. शपथ ग्रहण के बाद शिवसेना और एनसीपी (Shiv Sena and NCP) ने एक प्रेस कांफ्रेंस की और सजित पवार के कदम को निजी और पार्टी के विचारधारा के खिलाफ बताया. उसके बाद एनसीपी प्रमुख शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने वाईबी सेंटर में देर शाम तक अपने विधायकों के साथ बैठक भी की. बाद में इन विधायकों को पवई के एक गेस्ट हाउस में ले जाया गया है. शिवसेना के विधायक ललित होटल में हैं जबकि कांग्रेस के विधायकों को जयपुर भेजे जाने की ख़बरें आ रहीं हैं. एनसीपी की बैठक के बाद दावा किया गया कि उसके 54 में से 50 विधायक शरद पवार के ही साथ हैं. वहीं बैठक में अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटाकर जयंत पाटिल को नया नेता चुना गया. इन सब घटनाक्रम के बीच शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार गठन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की, जिस पर सुप्रीम कोर्ट रविवार सुबह 11:30 बजे सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. शनिवार सुबह से ही ऐसे बदलता रहा राजनीतिक समीकरण: सुबह पांच बजकर 47 मिनट पर हटा राष्ट्रपति शासन, फड़णवीस बने मुख्यमंत्री महाराष्ट्र में शनिवार सुबह पांच बजकर 47 मिनट पर राष्ट्रपति शासन हटाए जाने के बाद भाजपा-राकांपा सरकार ने कार्यभार संभाला. राज्य में 12 नवंबर को राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के (कार्य संचालन) नियमों के एक विशेष प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी दी. इस नियम के तहत प्रधानमंत्री के पास विशेष अधिकार होते हैं. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित उद्घोषणा के अनुसार, 'संविधान के अनुच्छेद 356 के खंड (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुसार, मैं भारत का राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, मेरे द्वारा 12 नवंबर 2019 को महाराष्ट्र राज्य के संबंध में की गई उद्घोषणा को निरस्त करता हूं, जो 23 नवंबर 2019 से प्रभावी है.' उद्घोषणा पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने शनिवार सुबह पांच बजकर 47 मिनट पर राजपत्र अधिसूचना को जारी किया. इसके बाद, महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन खत्म हो गया और सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हुआ. राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए, राष्ट्रपति को केंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश की आवश्यकता होती है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हुई इसलिए केंद्र सरकार ने भारत सरकार के (कार्य संचालन) नियमों (12) को लागू किया गया था. राष्ट्रपति शासन हटने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के देवेंद्र फड़णवीस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार ने महाराष्ट्र के क्रमश: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. शिवसेना और एनसीपी ने की प्रेस कांफ्रेंस शपथ ग्रहण समारोह के बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया. पवार ने महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिये भाजपा से हाथ मिलाने के अजित पवार के फैसले को शनिवार को 'अनुशासनहीनता' और निजी फैसला करार दिया. उन्होंने कहा कि उनके भतीजे और पाला बदलने वाले पार्टी के अन्य विधायकों पर 'दल-बदल विरोधी कानून' के प्रावधान लागू होंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि 'शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस' के पास संयुक्त रूप से संख्या बल है और तीनों दल सरकार बनाएंगे. पार्टी में टूट और परिवार में बिखराव के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा, 'मैं इन चीजों से पहले भी गुजर चुका हूं. 1980 में मैं उन सभी को शिकस्त देने में सफल रहा था जिन्होंने मुझे अकेला कर दिया था. राजनीति और परिवार अलग-अलग चीजें हैं.' शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी तीनों दलों के साथ मिल कर सरकार बनाने की बात दोहराई. उन्होंने कहा, 'शिवसेना जो कुछ करती है वह सामने होता है, खुल कर करती है.' उन्होंने एक लोकप्रिय मराठी हॉरर टीवी धारावाहिक के शीर्षक का जिक्र करते हुए कहा, 'हमारी राजनीति 'रात्रि खेल चाले' (रात में खेल होता है) नहीं है.' ठाकरे ने कहा, 'मैंने सुना है कि आज तड़के केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. पाकिस्तान के खिलाफ जिस तरह से 'सर्जिकल स्ट्राइक' की गई, उसी तरह से यह महाराष्ट्र पर 'फर्जिकल स्ट्राइक' है...यह जनादेश और संविधान का स्पष्ट रूप से अनादर है.' शिवसेना प्रमुख ने कहा, 'हर कोई जानता है कि जब छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ विश्वासघात किया गया था और उन पर पीछे से हमला किया गया था तब उन्होंने क्या किया था. शिवसेना के कार्यकर्ता पार्टी विधायकों का दल बदल कराने की सारी कोशिशें नाकाम कर देंगे. विधायकों ने उठाए सवाल इस प्रेस कांफ्रेंस में शरद पवार ऐसी कई विधायकों को लेकर पहुंचे जिनके सुबह शपथ ग्रहण समारोह में राजभवन में होने की बात सामने आई थी. इन्हीं विधायकों में से दो बुलढाणा से राजेंद्र शिंगणे और बीड से संदीप क्षीरसागर ने कहा कि रात 12 बजे उन्हें अजित पवार का फोन कॉल आया, जिसमें उनसे पार्टी के नेता धनंजय मुंडे के आवास पर सुबह सात बजे आने को कहा गया, दोनों विधायकों ने कहा कि इसके बाद उन्हें राजभवन ले जाया गया. विधायकों ने बताया, 'इससे पहले कि उन्हें कुछ आभास हो पाता, हमने देखा कि देवेंद्र फड़णवीस और अजित पवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी शपथ ग्रहण करा रहे हैं.' शिंगणे ने कहा, 'जब मैं राजभवन पहुंचा, तो पाया कि आठ-10 विधायक पहले से वहां मौजूद हैं. हममें से किसी ने महसूस नहीं किया कि हमें वहां क्यों लाया गया. शपथ ग्रहण के बाद हम (शरद) पवार साहेब से मिलने गये. भाजपा और अजीत पवार ने 'दुर्योधन एवं शकुनि' की तरह जनादेश का 'चीरहरण' किया कांग्रेस ने महाराष्ट्र में अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम के तहत देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बनी नयी सरकार को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार देते हुए शनिवार को दावा किया कि भाजपा और अजित पवार ने 'दुर्योधन एवं शकुनि' की तरह जनादेश का 'चीरहरण' किया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि इस मामले में अदालत जाने सहित सभी विकल्प खुले हुए हैं. सुरजेवाला ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर भी निशाना साधा और दावा किया कि वह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के 'हिटमैन' की तरह काम किया है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महाराष्ट्र में हुए राजनीतिक घटनाक्रम की निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए. उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल पर भाजपा के साथ मिलीभगत कर देवेन्द्र फड़णवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने का आरोप लगाया है. बीजेपी का दावा- हमारे पास है बहुमत भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने शनिवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में 288 सदस्यों वाले सदन में भाजपा को 170 विधायकों का समर्थन हासिल है. राज्य में राकांपा नेता अजित पवार के समर्थन से भाजपा के देवेंद्र फड़णवीस ने दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. मुनगंटीवार ने कहा, 'अजित पवार राकांपा के विधायक दल के नेता हैं और इसका अर्थ है कि सभी ने भाजपा को समर्थन दिया है.' गौरतलब है कि विधानसभा में राकांपा के 54 विधायक हैं, और अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने विधायक अजित पवार के साथ हैं. उन्होंने कहा, 'भाजपा और उसके सहयोगी (शिवसेना) को स्पष्ट बहुमत मिला था, लेकिन सहयोगी ने इसका सम्मान नहीं किया. हमें मिले बहुमत का सम्मान करने के लिए हमने आज 170 विधायकों के समर्थन से सरकार का गठन किया.' देवेन्द्र फड़णवीस के मुख्यमंत्री और अजित पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि यह राज्यपाल का विशेषाधिकार है कि वह किसे आमंत्रित करते हैं. राजनाथ से एक कार्यक्रम से इतर जब संवाददाताओं ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, "इस समय जिस कार्यक्रम में यहां पर आया हूं, कोई राजनीतिक बात नहीं कहना चाहता. यह राज्यपाल का विशेषाधिकार था. संतुष्ट होने पर राज्यपाल को जिसे आमंत्रित करना था, उन्होंने आमंत्रित किया.' बाद में, राजनाथ ने ट्वीट कर फड़णवीस और पवार को बधाई दी. उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि वे राज्य की प्रगति और संपन्नता के लिए मिलकर कार्य करेंगे.' सुप्रीम कोर्ट में रविवार सुबह 11:30 बजे सुनवाई शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की ओर से महाराष्ट्र में सरकार गठन के खिलाफ दायर याचिका पर रविवार सुबह 11.30 बजे सुनवाई होगी. इस दौरान वकीलों ने याचिका की अर्जेंट सुनवाई करने और 24 घंटे में शक्ति परीक्षण कराने का आदेश देने की अपील की. वहीं याचिका में महाराष्ट्र के राज्यपाल से देवेंद्र फडनवीस को निमंत्रण देने और राज्यपाल को दिए गए समर्थन पत्र समेत सारा रिकॉर्ड अदालत के सामने प्रस्तुत करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है. शिवसेना, कांग्रेस, एनसीपी ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति, डिवीजन ऑफ वोट के जरिए तुरंत फ्लोर टेस्ट और इसकी वीडियोग्राफी कराने की मांग की है. एनसीपी विधायक दल के नेता पद से हटाए गए अजित पवार एनसीपी प्रमुख शरद पवार की ओर से बुलाई गई विधायकों की बैठक देर शाम तक चली. इस दौरान अजित पवार को विधायक दल के नेता पद से हटा दिया गया है. अजित की जगह जयंत पाटिल को विधायक दल का नया नेता चुना गया है. एनसीपी की बैठक के बाद कहा गया कि पार्टी जब तक नया विधायक दल का नेता नहीं चुन लेती. तब तक जयंत पाटिल ही यह पद संभालेंगे.
*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत
शनिवार, 23 नवंबर 2019
महाराष्ट्र: सरकार बनाने वाला पुरा ड्रामा! पढिये
जिस कागज पर उद्धव के लिए कराए विधायकों से दस्तखत, वो अजित पवार ने फडणवीस को दे दिया?????महाराष्ट्र की राजनीति में अभी तक का सबसे बड़ा उलटफेर हो गया है। शुक्रवार शाम को जहां खबर थी कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस मिलकर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार बना रहे हैं, वहीं शनिवार सुबह एक चौंकाने वाले घटनाक्रम के तहत देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के सीएम पद की शपथ ले ली। देवेंद्र फडणवीस के साथ एनसीपी नेता अजीत पवार ने भी प्रदेश के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली। इस पूरे घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र में सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को समर्थन देने के लिए जिस कागज पर एनसीपी विधायकों के दस्तखत कराए गए थे, वो ही कागज अजीत पवार ने देवेंद्र फडणवीस को दे दिया। पेपर पर नहीं लिखा था सीएम का नाम सूत्रों की मानें तो एनसीपी की बैठक में शिवसेना और कांग्रेस के साथ सरकार बनाने के लिए जिस पेपर पर पार्टी के विधायकों से दस्तखत कराए गए थे, उस पेपर पर मुख्यमंत्री का नाम नहीं था। इसकी वजह ये थी कि शिवसेना की तरफ से उस समय तक सीएम पद के लिए कोई नाम ही तय नहीं हुआ था। दरअसल शुक्रवार देर रात तक उद्धव ठाकरे सीएम पद के लिए अपने नाम को लेकर पूरी तरह तैयार नहीं थे। सूत्रों का कहना है कि इसी बात का फायदा अजीत पवार ने उठाया और विधायकों के समर्थन वाला पेपर देवेंद्र फडणवीस के समर्थन में राज्यपाल को सौंप दिया। सहमति के बाद कराए गए विधायकों से हस्ताक्षर आपको बता दें कि एनसीपी नेताओं के बीच पिछले कई दिनों से शिवसेना को समर्थन देने की कवायद चल रही थी। इसके लिए दिल्ली और महाराष्ट्र में कई दौर की बैठकें भी हो चुकी थी और कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत चल रही थी। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच सहमति बनने के बाद एनसीपी के विधायकों से शिवसेना का समर्थन करने के लिए एक पेपर पर दस्तखत कराए गए थे। यह पेपर खाली था और इसके ऊपर सीएम पद के लिए किसी का नाम नहीं लिखा था। सूत्रों का कहना है कि यही वो पेपर है, जो अजीत पवार ने राज्यपाल को दिया है। 'उपस्थिति के लिए कराए गए थे हस्ताक्षर' वहीं, इस मामले पर एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने मीडिया को बताया, 'हमने पेपर पर विधायकों से उनकी उपस्थिति के लिए हस्ताक्षर लिए थे, शपथ के आधार के रूप में उस पेपर का दुरुपयोग किया गया है।' इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शरद पवार ने आज शाम 4 बजे अपने घर पर पार्टी के नेताओं की बैठक बुलाई है। शरद पवार ने कहा, 'ये फैसला पार्टी का नहीं है। यह अजीत पवार का निजी फैसला है। मैं साफ करना चाहता हूं कि हम इस फैसले का समर्थन नहीं करते हैं।' वहीं प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शरद पवार का महाराष्ट्र में गठित सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। हम अजीत पवार के फैसले का समर्थन नहीं करते हैं। बीजेपी को समर्थन अजित पवार का निजी फैसला है।
✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत*
गजब!डोकटरो ने दो धंटे मार कर मरीज को किया जिंदा
चमत्कार...डॉक्टर ने मरीज को 2 घंटे के लिए मारा, इलाज के बाद फिर जिंदा किया अब डॉक्टर आपको मारकर यानी मुर्दा बनाकर करेंगे इलाज. अगर आप गंभीर रूप से घायल हैं या आपको दिल का दौरा पड़ा है. या आपके सिर में गंभीर चोट है. चिंता न करिए...आप मरकर वापस जिंदा भी हो जाएंगे. ऐसा अमेरिका के डॉक्टरों का दावा है. उन्होंने दावा किया है कि ये परीक्षण 10 लोगों पर सफल रहा है. कहां हुआ ये हैरतअंगेज परीक्षण?
अमेरिका के बाल्टीमोर शहर के यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन सेंटर के डॉक्टरों ने यह आश्चर्यजनक कारनामा किया है.
किसने किया ये मेडिकल टेस्ट?
यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन सेंटर के डॉक्टर सैम्युएल टिशरमैन और उनकी सर्जिकल टीम ने.
मकसद क्या था मरीज को मारकर जिंदा करने का
डॉ. सैम्युएल टिशरमैन चाहते हैं कि अगर मरीज बेहद गंभीर हालत में आता है तो कई बार सर्जरी के दौरान उसकी मौत हो जाती है. डॉक्टरों के पास उसे बचाने के लिए समय नहीं मिलता. इसलिए वे मरीज को उसी घायल अवस्था में मुर्दा बना दें तो उन्हें उसे ठीक करने का समय मिल जाएगा.
किस तरह की पद्धत्ति अपनाई डॉक्टरों की टीम ने?
यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन सेंटर के डॉ. सैम्युएल टिशरमैन ने इंसान को मारकर उसका इलाज करने के बाद वापस जिंदा करने की जो तकनीक अपनाई उसका नाम है - इमरजेंसी प्रिजरवेशन एंड रीससिटेशन (EPR).
आखिर क्यों जरूरत पड़ी इस तरीके के इलाज की?
डॉ. सैम्युएल टिशरमैन के पास एक बार स्वस्थ युवक आया जिसके दिल में किसी ने चाकू मार दिया था. उसे तत्काल इलाज के लिए ले गए लेकिन उसी दौरान उसकी मौत हो गई. आखिर डॉक्टरों को प्रेरणा कहां से मिली इसकी?
एक दिन डॉ. सैम्युएल टिशरमैन ने पढ़ा कि गंभीर रूप से घायल सुअर को तीन घंटे के लिए मार डाला गया, इलाज के बाद उसे फिर से ठीक कर दिया. तभी उनके दिमाग में ये आइडिया आया. क्यों न इंसानों को भी इसी तरह कुछ घंटे मारकर ठीक किया जा सकता. फिर क्या किया डॉक्टरों की टीम ने
EPR तकनीक में गंभीर रूप से घायल इंसान को 10 से 15 डिग्री सेल्सियस पर रख दिया जाता है. पूरे शरीर के खून के बेहद ठंडे सलाइन से बदल दिया जाता है. खून को निकालकर सुरक्षित रख देते हैं. दिमाग काम करना बंद कर देता है. ऐसी हालात में घायल इंसान मरा हुआ होता है. इलाज के बाद शरीर में वापस बहा देते हैं खून
डॉ. सैम्युएल टिशरमैन ने यही पद्धत्ति अपनाई. उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर यह परीक्षण 10 लोगों पर किया. अधिकतम दो घंटे के इलाज के बाद डॉ. सैम्युएल टिशरमैन ने मरीज के शरीर को वापस 37 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर लाए. शरीर में खून का प्रवाह किया. गर्मी मिली तो शरीर ने फिर काम करना शुरू कर दिया
जब शरीर को सामान्य तापमान मिला तो उसने काम करना शुरू कर दिया. दिल धड़कने लगा और खून दिमाग में पहुंचने लगा. धीरे-धीरे पूरा शरीर सामान्य हो गया. अमेरिकी प्रशासन ने दी थी परीक्षण की अनुमति
अमेरिकी संस्थान यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने डॉ. सैम्युएल टिशरमैन को उनका परीक्षण पूरा करने की अनुमति दी थी. अब भी परीक्षण जारी है. डॉ. सैम्युएल टिशरमैन ने कहा कि वे 2020 के अंत तक इस परीक्षण का पूरा परिणाम बताएंगे
🖊स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ शेरखान जत**
शुक्रवार, 22 नवंबर 2019
मुंबइ नगर निगम पर शिवसेना का कब्जा
देश के सबसे अमीर नगर निगम पर शिवसेना का कब्जा,
किशोरी पेडनेकर बनीं मुंबई की नई मेयर मुंबई देश के सबसे अमीर नगर निगम मुंबई के मेयर पद पर शिवसेना का एक बार फिर से कब्जा हो गया है। शिवसेना उम्मीदवार किशोरी पेडनेकर को मुंबई महानगर पालिका का निर्विरोध मेयर चुन लिया गया है। साथ ही, डिप्टी मेयर पद पर भी शिवसेना के सुहास वाडकर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि 2019-20 में बीएमसी का बजट 30,692 करोड़ रुपये है जबकि 2016-17 में यह बजट 37,052 करोड़ रुपये था। इतने भारी-भरकम बजट के कारण ही देश की राजनीति में बीएमसी का स्थान महत्वपूर्ण है। यह बजट नागालैंड, मेघालय, सिक्किम और गोवा के बजट से भी ज्यादा है। 2017 के बीएमसी चुनाव में भाजपा और शिवसेना अलग- अलग चुनाव मैदान में उतरी थी। इस चुनाव में शिवसेना को 84 और भाजपा को 82 सीटों पर जीत मिली। बाद में शिवसेना ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सात सदस्यों और तीन निर्दलीयों को अपनी पार्टी में शामिल कर बीएमसी में अपनी संख्या को 94 बना लिया था। महापौर के पद के लिए भी भाजपा और शिवसेना के बीच काफी खींचतान हुई। बाद में भाजपा ने शिवसेना के विश्वनाथ महादेश्वर को महापौर के लिए अपना समर्थन दिया था।स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ
किशोरी पेडनेकर बनीं मुंबई की नई मेयर मुंबई देश के सबसे अमीर नगर निगम मुंबई के मेयर पद पर शिवसेना का एक बार फिर से कब्जा हो गया है। शिवसेना उम्मीदवार किशोरी पेडनेकर को मुंबई महानगर पालिका का निर्विरोध मेयर चुन लिया गया है। साथ ही, डिप्टी मेयर पद पर भी शिवसेना के सुहास वाडकर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। बता दें कि 2019-20 में बीएमसी का बजट 30,692 करोड़ रुपये है जबकि 2016-17 में यह बजट 37,052 करोड़ रुपये था। इतने भारी-भरकम बजट के कारण ही देश की राजनीति में बीएमसी का स्थान महत्वपूर्ण है। यह बजट नागालैंड, मेघालय, सिक्किम और गोवा के बजट से भी ज्यादा है। 2017 के बीएमसी चुनाव में भाजपा और शिवसेना अलग- अलग चुनाव मैदान में उतरी थी। इस चुनाव में शिवसेना को 84 और भाजपा को 82 सीटों पर जीत मिली। बाद में शिवसेना ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के सात सदस्यों और तीन निर्दलीयों को अपनी पार्टी में शामिल कर बीएमसी में अपनी संख्या को 94 बना लिया था। महापौर के पद के लिए भी भाजपा और शिवसेना के बीच काफी खींचतान हुई। बाद में भाजपा ने शिवसेना के विश्वनाथ महादेश्वर को महापौर के लिए अपना समर्थन दिया था।स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ
आर बीआइ ने जारी की कर्ज न चुकाने वालो की लिस्ट
बड़ी खबर! RBI ने जारी की कर्ज नहीं चुकाने वालों की लिस्ट, एक का नाम जानकर उड़ जाएंगे होश !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! भारतीय रिजर्व बैंक 30 बड़े विलफुल डिफॉल्टर्स यानी कर्ज लेकर नहीं चुकाने वालों की लिस्ट जारी कर दी है।
भारतीय रिजर्व बैंक 30 बड़े विलफुल डिफॉल्टर्स यानी कर्ज लेकर नहीं चुकाने वालों की लिस्ट जारी कर दी है। आपको बता दें कि 4 साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्रीय बैंक को सभी विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया था। ये वो लोग हैं जो जानबूझ कर कर्ज नहीं चुका रहे। इन व्यक्तियों या कंपनियों के पास लोन चुकाने लायक पैसा तो है, लेकिन बैंक की किश्त नहीं चुका रहे। जिसके बाद बैंक इनके खिलाफ अदालत में चले गए। इनको ही विलफुल डिफॉल्टर कहा जाता है।
RBI द्वारा एक RTI को दिए गए जवाब के अनुसार इन 30 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट में 3 कंपनियां भगौड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इन 30 कंपनियों द्वारा कुल डिफॉल्ट की रकम 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की है।
ये हैं 10 बड़ी कंपनियां
1. गीतांजलि जेम्स लिमिटेड - 5044 करोड़ रुपये का कर्ज
2. आरईआई एग्रो लिमिटेड - 4197 करोड़ रुपये का कर्ज
3. विनसम डाइमंड एंड ज्वैलरी लिमिटेड - 3386 करोड़ रुपये का कर्ज
4. रुचि सोया इंडस्ट्रीज - 3225 करोड़ रुपये का कर्ज
5. रोटोमैक ग्लोबल - 2844 करोड़ रुपये का कर्ज
6. किंगफिशर एयरलाइंस - 2488 करोड़ रुपये का कर्ज
7. कुडोस केमी लिमिटेड - 2326 करोड़ रुपये का कर्ज
8. जूम डेवल्पर्स - 2024 करोड़ रुपये का कर्ज
9. डेक्कन क्रोनिकल - 1951 करोड़ रुपये का कर्ज
10. एबीजी शिपयार्ड - 1875 करोड़ रुपये का कर्ज
ये कंपनियां भी शामिल
कुल 30 विलफुल डिफॉल्टर्स की लिस्ट में गीतांजलि जेम्स, रोटोमैक ग्लोबल, जूम डेवलपर्स, डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स, विनसम डायमंड्स, सिद्धी विनायक लॉजिस्टिक्स का भी नाम शामिल है।

*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ..शेरखान जत**
शेरखान जत ता:22/11/2019
भाजपा सरकार ने एक और कड़ा फैसला लेते हुए 30 साल बाद नई लैंड पॉलिसी जारी की है।
गुवाहाटी
भाजपा सरकार ने एक और कड़ा फैसला लेते हुए 30 साल बाद नई लैंड पॉलिसी जारी की है। इससे पहले लैंड पॉलिसी 1989 में जारी की गई थी। इसके बाद अब असम में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नई लैंड पॉलिसी जारी की है। नइ नई पॉलिसी को मूल निवासियों के लिए काफी हितकारी बताया गया है।
नई लैंड पॉलिसी को मुख्यमंत्री ने 21 नवंबर को जारी किया है जिसकी एक बुकलेट भी जारी की गई है। इस मौके पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि सरकार ने इस पॉलिसी को बनाने में काफी मेहनत की है और इसें मूल निवासियों का हित करने वाली बनाया है। इसमें लोगों को जारी जमीनों से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों का निवारण दिया गया है।
नई लैंड पॉलिसी को रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंड डिपार्टमेंट ने तैयार किया है। इससे पहले ऐसी पॉलिसी 1989 में बनाकर जारी की गई थी। इसके लिए मुख्यमंत्री ने हैंडबुक जारी करते हुए सरकारी विभागों को आदेश दिया है कि वो इसें सभी तक पहुंचाने का कार्य करे। इस मौके पर रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट मंत्री भाबेस कालिता, मुख्यमंत्री के कानूनी सलाहकार शांतनु भराली, अतिरिक्त मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा भी मौजूद थे।*✍स्पेशीयल स्कवोड दैनिक कच्छ..शेरखान जत**
मंगलवार, 4 जून 2019
शीनाय (करछ)जुगार प्रकरन ।पोलीस पर जुठा आरोप ।
पुरव करछ के शीनाय 

गांव में आदीपुर पुलीस ने जुगारीयो पर रेड की ।जहां से नवे हजार सातसो सीतेर रोकड रकम ओर बतीस हजार नवसो किमत के मोबाइल फोन तीन लाख पचानवे हजार के आठ वाहन जप्त कीये थे।जब के जप्त किये वाहनो में से ऐक वाहन कीसी खास लोगो का था रीकवेस्ट करने पर आदीपुर पीऐसआइ डांगर ने यह वाहन नहीं छोडे जाने पर आदिपुर
पुलीस ने तोड की ऐसा आरोप लेखीत रजुआत कर के की गइ है।
हमने जब आदिपुर पीऐसआइ डांगर से इस बारे में बात करी तब पीऐसआइ डांगर ने बताया के जुगार में पकडे गये वाहनो में से ऐक वाहन आरोप करने वाले के भाइ का वाहन था जो में ने कानुन का पालन करते हुये नहीं छोडा ।तब आरोप करने वाले ने दबाव बनाने के लीये मुज पर लेखित तोड करने का आरोप लगा कर लेखीत रजुआत करी है ।
दोनो संदरभ देखा जाये तो पुलीस को दबाने के लीये ओर आरोप लगाने को तैयार रहते हैं ।
पुलीस की कामगीरी निसंदेह है ।आरोप प्रत्यारोप होते रहते हैं ।कानुन कानुन का काम करेगा ।।
गांव में आदीपुर पुलीस ने जुगारीयो पर रेड की ।जहां से नवे हजार सातसो सीतेर रोकड रकम ओर बतीस हजार नवसो किमत के मोबाइल फोन तीन लाख पचानवे हजार के आठ वाहन जप्त कीये थे।जब के जप्त किये वाहनो में से ऐक वाहन कीसी खास लोगो का था रीकवेस्ट करने पर आदीपुर पीऐसआइ डांगर ने यह वाहन नहीं छोडे जाने पर आदिपुर
पुलीस ने तोड की ऐसा आरोप लेखीत रजुआत कर के की गइ है।
हमने जब आदिपुर पीऐसआइ डांगर से इस बारे में बात करी तब पीऐसआइ डांगर ने बताया के जुगार में पकडे गये वाहनो में से ऐक वाहन आरोप करने वाले के भाइ का वाहन था जो में ने कानुन का पालन करते हुये नहीं छोडा ।तब आरोप करने वाले ने दबाव बनाने के लीये मुज पर लेखित तोड करने का आरोप लगा कर लेखीत रजुआत करी है ।
दोनो संदरभ देखा जाये तो पुलीस को दबाने के लीये ओर आरोप लगाने को तैयार रहते हैं ।
पुलीस की कामगीरी निसंदेह है ।आरोप प्रत्यारोप होते रहते हैं ।कानुन कानुन का काम करेगा ।।
मंगलवार, 14 मई 2019
पोलीस पत्रकारो की जंग ! कोन सही कोन गलत ।
लोकतंत्र में जीतनी महता पुलीस की है उस से कहीं अघिक महता मीडीया की है।आये दिन पुलीस ओर पत्रकारो के बीच तु तु में में हुं हुं होती रहती है।गुजरात के जुनागढ में पुलीस ने पत्रकारो पर लाठीयां बरसाइ बहोत सी जगहो पर पत्रकारो के मरडर भी हो रहे हैं ।
सही ढंग से देखा जाय तो जीतनी कमियां मीडिया करमीयो में हैं उनसे अघिक कमीयां पुलीस में हैंं।
फरजी डीग्री फरजी सरटीफीकेट के जरीये 30% से अघिक पुलीस भरती में धोटाले होते रहते हैं पत्रकारो को ऐजयुकेशन की जरुरत नहीं होती ए़इसलीये यह मसला खडा नहीं होता ।
पत्रकार ओर पुलीस ऐक दुसरे के पुरक हैं।
मील कर काम करना चाहिये लाठी डंडे बरसा कर वरदी का गेरउपयोग नहीं करना चाहिये कानुन में सनमाननीय की उपाघि पाऐ पत्रकारो पर पुलीस लाठीयां बरसाये यह गलत कदम है ।हम निंदा करते हैं ऐसी धटनाओ की ।
पुलीस ओर पत्रकारो का काम समान है पुलीस को सस्ती प्रसिदि भी मीडीया ही देती है संभवत पत्रकार ओर पुलीस दोनो को एक दुसरे के साथ संधरष नहीं करना चाहिये ।दोनो कायदे के रकसक ही हैं बहोत सी जगहो पर पुलीस यह कह बेठती है के आप तो पत्रकार हैं यहां पुलीस को पता होना चाहिये के पत्रकार भी ऐक जन प्रतिनिघि है।नहीं पुछना चाहिये अगर पत्रकार गलत हैं तो पुलीस भी गलत है ।
अंत:कोसने से पहले पुलीस ओर पत्रकारो को कदम मिला कर काम करने की जरुरत है।
बहोत सी जगहो पर पत्रकारो को चाय पीला कर मीठा बोल कर कही हुइ मनमानी बाते लीखवा कर पब्लीसीटी पाने का मोहरा भी समजा जाता है पत्रकारो को जुठी प्रसिघि दिलवाने से बचना चाहिये।पत्रकार ओर पुलीस दोनो को अपनी अपनी मरयादाओ में रह कर काम करना चाहिये।
सोमवार, 29 अप्रैल 2019
अंजार भुवड गांव में रीया पावर प्रोजेकट के गेरकायदेसर चल रहे काम पर रोक लगाने की मांग ।
अंजार के भुवड गांव में रीया पावर प्रोजेकट कंपनी के लोग दादागीरी कर गेरकायदेसर पावर पलांट के खंभे लगा रहे है् ऐसा गांव वालो का कहना है।
यह पावर प्राेजेकट प्लान है गौचर ओर शमशानो ओर किसानो की जमीनो पर पुलिस का डर बता कर दादागीरी कर गेरकायदेसर काम को अंजाम दे रहे हैं।
हमने जब कंपनी के जवाबदार सुरेनद्रसिंह जी से बात करी तब उनहो ने कहा हमने मंजुरी ली है ओर ऐक खंभे के चार लाख के हिसाब से हम भुवड गौशाला में दे रहे हैं अगर मंजुरी ली है तो गौशाला में देने की कया जरुरत??
गांव के विकास के लीये देना है तो पंचायत है देना चाहिये जीससे गांव का विकास हो सके।
पर कंपनी वाले भी तैयार हैं गेरकायदेसर काम करवाने के लीये गाय को मोहरा बना कर लोगो को बेवकुफ बना कर कामो को अंजाम दे रहे हैं।
करछ कलेकटर ओर अंजार ऐरीया ऐसडीऐम सर कंपनी के गेरकायदेसर चल रहे कामो पर रोक लगायें पुलीस का डर बता कर यह कंपनी वाले टोरचर कर रहे हें की बात पर ऐसपी पुरव करछ को पुलिस को सुचना दे कर डरायें या न घमकायें की सुचना देनी चाहिये।
इनक्म टेक्स ओफीसरस को यह चेक करना होगा के कंपनी ने गौशाला में जो पैसे दिये हें वह रुपया कहां से आया?वहाइट है या ब्लेक??
यह चेक कर कंपनी पर ऐकशन लेने चाहिये
उघोग विभाग ओफीसरस को इस कंपनी पर ऐकशन ले कर कोन कोन से लायसंस लीये हुये हैं इन सब की जांच कर ऐकशन लेने की जरुरत है।
सोमवार, 22 अप्रैल 2019
करछ संसदीय सीट के उमेदवार बालु बहेन सोंदरवा को वोट दें ।।
करछ संसदीय सीट से राषट्रीय पावर पारटी के बालु बहेन ऐम सोंदरवा को वोट दें ।।

मंगलवार, 16 अप्रैल 2019
पुरव करछ आडेसर पुलीस का जुआरीयों पर चला डंढा ।।
पुरव करछ आडेसर पुलीस ने जुआरीयो पर पंजा कसा है ।आडेसर पुलीस के फोजदार लांबरीया साहब को बातमी मीली थी के सांय (रापर-आडेसर) गांव के वाडी ऐरीया में जुआरी जुआ खेल रहे हैं की बातमी पर रेड डाल कर कुल मुदामाल ऐक लाख अठारह हजार चारसो पचास का पकड कर कानुनी पंजा कसा है ।देखीये तसवीरे


बुधवार, 10 अप्रैल 2019
करछ बीजेपी महामंत्री ने अनु जाति मोरचे प्रमुख का अपमान करने पर दीया त्याग पत्र
करछ बीजेपी महामंत्री शैलेनद्रसिंह जाडेजा ने भुज शहेर अनु जाति मोरचा के प्रमुख का अपमान करने पर प्रमुख मंती उपप्रमुख ने संयुकत त्याग पत्र दे दीया ।भुज शहेर अनु जाति प्रमुख राजु दाफडा डी ऐल सोघम उपप्रमुख नरेश बी महेसवरी मंत्री ने करछ बीजेपी महामंत्री शैलेन्द्रसिंह जाडेजा पर अपमान करने का आरोप लगा कर त्याग पत्र दे दीया है ।।त्याग पत्र में हमारा अपमान पुरे समाज का अपमान बताया गया है ।देखे त्याग पत्र की कोपी ।।


मंगलवार, 9 अप्रैल 2019
लखपत करछ के हाशम नोतियार बने लखपत कोंग्रेस समिति के कारयकारी प्रमुख ।।
लखपत कोंग्रेस के हाशम ओसमान नोतियार के कारयो को देखते करछ जील्ला कोंग्रेस ने लखपत कोंग्रेस कमिटी के कारयकारी प्रमुख के पद पर नियुकति दी है।
लखपत के साफ छबी रखने वाले कोंग्रेसी नेता हाशम ओसमान नोतियार लखपत ता पंचायत के वाइस प्रमुख भी रह चुके हैं ।

लखपत के साफ छबी रखने वाले कोंग्रेसी नेता हाशम ओसमान नोतियार लखपत ता पंचायत के वाइस प्रमुख भी रह चुके हैं ।
चीत्रोड(आडेसर-रापर)पुरव करछ में सरकारी ओफीसर्स को घमकाने वाले हवालात में ।
करछ का वागड विस्तार दादागीरी के लीये जाना जाता है इस विस्तार में खुन खराबा जेसे क्राइम सामान्य हैं ।आडेसर पुरव करछ के चीत्रोड गांव में दिवाल के कामो का बील पास करने के लीये दबंग कोनट्रेकटरो ने सरकारी अफसरस पर दबंगी दिखाइ तो सरकारी अफसरस ने आडेसर पुलीस में फरीयाद लीखवाते ही आडेसर पुलीस के पोलीस सब इनस्पेकटर लांबरीया साहब ने बीना वकत गवायें फरार आरोपी दबंगो का पीछा कर रन के मंदिर में छुपे बेठे दबंग आरोपीयो को गीरफतार कर लांबरीया साहब ने इमानदार पोलीस अफसरस की शाख को फीर से जाग्रीत कर दीखाया ।
वैसै इस विस्तार के दबंगो को गीरफतार करना पुलीस के लीये बडी चुनोती होती है पुलीस भी कभी कभी पकडने में हीचकचाती है।आडेसर पुलीस के बहादुर पीऐसआइ लांबरीया साहब ऐसी चुनोतीयो से नीपटने में माहिर हैं ।अंत:दबंगो की दबंगी से निडर हो कर लांबरीया साहब ने दबंगो को हवालात में घकेल ही दिया ।
आप को याद दिलायें के आडेसर पुलीस स्टेशन के पोलीस सब इनस्पेकटर लांबरीया साहब कर्तवय निष्ठ कामगीरीयो के लीये जाने जाते हैं।इनपुट तसवीरो में दबंग आरोपीयो के साथ आडेसर पुलीस स्टेशन के जांबाज पोलीस सब इनस्पेकटर लाबरीया साहब ओर पुलीस स्टाफ ।।

वैसै इस विस्तार के दबंगो को गीरफतार करना पुलीस के लीये बडी चुनोती होती है पुलीस भी कभी कभी पकडने में हीचकचाती है।आडेसर पुलीस के बहादुर पीऐसआइ लांबरीया साहब ऐसी चुनोतीयो से नीपटने में माहिर हैं ।अंत:दबंगो की दबंगी से निडर हो कर लांबरीया साहब ने दबंगो को हवालात में घकेल ही दिया ।
आप को याद दिलायें के आडेसर पुलीस स्टेशन के पोलीस सब इनस्पेकटर लांबरीया साहब कर्तवय निष्ठ कामगीरीयो के लीये जाने जाते हैं।इनपुट तसवीरो में दबंग आरोपीयो के साथ आडेसर पुलीस स्टेशन के जांबाज पोलीस सब इनस्पेकटर लाबरीया साहब ओर पुलीस स्टाफ ।।
शनिवार, 6 अप्रैल 2019
करछ आदीपुर DAV पब्लीक स्कुल पर ऐकशन लो ।
करछ के आदीपुर में डीऐवी पब्लीक प्राइवेट स्कुल है जहां पर बार बार मनमानी के आरोप लगते रहते हैं ।
इस स्कुल का विवादो से ही नाता रहा है ।बच्चो या वालीओ से अभद्र व्यवहार सरकुलेशन का पालन न कर मनमानी करना बहोत से आरोप लगते रहते हैं ।सरकार ने दंडित भी कीया है ऐसे रीपोरट हैं ।इस वकत महेसवरी सुरकसा समिति ने भी इस स्कुल पर आरोप लगा कर कारयवाही की मांग की है ।देखीये

करछ ऐज्युकेशन डीपारटमेन्ट को उचित कारयवाही करने की जरुरत है ।गांघीघाम में चल रही प्राइवेट स्कुलो की मनमानी फीशें ऐज्युकेशन के लीये गंभीर खतरा बनी हुइ हैं ।
पत्रकार शेरखान जत करछ ।।।।
इस स्कुल का विवादो से ही नाता रहा है ।बच्चो या वालीओ से अभद्र व्यवहार सरकुलेशन का पालन न कर मनमानी करना बहोत से आरोप लगते रहते हैं ।सरकार ने दंडित भी कीया है ऐसे रीपोरट हैं ।इस वकत महेसवरी सुरकसा समिति ने भी इस स्कुल पर आरोप लगा कर कारयवाही की मांग की है ।देखीये
करछ ऐज्युकेशन डीपारटमेन्ट को उचित कारयवाही करने की जरुरत है ।गांघीघाम में चल रही प्राइवेट स्कुलो की मनमानी फीशें ऐज्युकेशन के लीये गंभीर खतरा बनी हुइ हैं ।
पत्रकार शेरखान जत करछ ।।।।
सोमवार, 1 अप्रैल 2019
करछ में चल रहे उघोग ओर सीकयुरीटी ऐजंसीयां पर कारयवाही करने की मांग ।
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रविवार, 31 मार्च 2019
गुजरात के जेलो में चल रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगे
गुजरात के जेलो में हद से जयादा भ्रष्टाचार हो रहे हैं मीलने जाने वालो के पास से भी रीशवत ली जाती है ।कोरट के छुडाने के ओरडर ले जाने वालो की भी नहीं बखशा जाता ।टीफीन पहेंचाने के लीये भी रीशवत।
हद तो तब है जब केदीयो को ऐक पांच रुपये की वीमल गुटका पचास रुपये में दी जाती है।बीस रुपये की बीडी के सो रुपये लीये जाते है जेलो में ।बात करें सबजेलो की तो सबजेलो में तीन माह से अघिक केदी को नहीं रखा जा सकता पर सबजेलो में सेटींग कर गंभीर आरोपीयो को रखा जा रहा है ।लांच रुशवत ब्युरो को कडी कारयवाही कर जेलो में भ्रषटाचार चेकींग अभीयान चलाया जाना चाहीये ।गेररिति पकडे जाने पर सबंघीतो को अरेसट कर हवालातो में घकेलना चाहीये ।चेकींग जेलो में रह रहे केदीयो से पुछपरछ कर करने की जरुरत है ।सरकार जेलो में चल रहे भ्रषटाचारो पर कडे कदम उठाये ।।।।।।।।।।।।पत्रकार शेरखान जत।।।।।।।
हद तो तब है जब केदीयो को ऐक पांच रुपये की वीमल गुटका पचास रुपये में दी जाती है।बीस रुपये की बीडी के सो रुपये लीये जाते है जेलो में ।बात करें सबजेलो की तो सबजेलो में तीन माह से अघिक केदी को नहीं रखा जा सकता पर सबजेलो में सेटींग कर गंभीर आरोपीयो को रखा जा रहा है ।लांच रुशवत ब्युरो को कडी कारयवाही कर जेलो में भ्रषटाचार चेकींग अभीयान चलाया जाना चाहीये ।गेररिति पकडे जाने पर सबंघीतो को अरेसट कर हवालातो में घकेलना चाहीये ।चेकींग जेलो में रह रहे केदीयो से पुछपरछ कर करने की जरुरत है ।सरकार जेलो में चल रहे भ्रषटाचारो पर कडे कदम उठाये ।।।।।।।।।।।।पत्रकार शेरखान जत।।।।।।।
शनिवार, 30 मार्च 2019
करछ साल कंपनी के प्रदुषन का विरोघ ।
करछ गांघीघाम में चल रही साल कंपनी के प्रदुषन से गांव वाले तंग आ चुके हैं ।साल कंपनी के प्रदुषन से केन्सर टीबी लकवा जैसै रोग हो रहे हैं ।परयावरन खेती पशु सब खतम हो रहा है प्रदुषन से ऐसा गांव वालो का कहना है।
आज ता 30/3/2019 को गांवो वालो ने मीलकर विरोघ प्रदरशन भी कीया ओर सरकार से मांग की के कंपनी को सील लगाया जाये।
जहर फेला रही कंपनीयों पर सरकार कारयवाही करे ऐसी मांग की गइ है ।
आपको बताते चलें के साल कंपनी का प्रदुषन कांडला तक जाता है ।समजीये बीस कीमी के ऐरीया तक यह प्रदुषन जा रहा है ।प्रदुषन वीभाग परयावरन विभाग ओर सरकार साल कंपनी के संचालको पर कायदेसर की कारयवाही कर कंपनी को सील कीया जाना चाहीये ।
पत्रकार शेरखान जत करछ
आज ता 30/3/2019 को गांवो वालो ने मीलकर विरोघ प्रदरशन भी कीया ओर सरकार से मांग की के कंपनी को सील लगाया जाये।
जहर फेला रही कंपनीयों पर सरकार कारयवाही करे ऐसी मांग की गइ है ।
आपको बताते चलें के साल कंपनी का प्रदुषन कांडला तक जाता है ।समजीये बीस कीमी के ऐरीया तक यह प्रदुषन जा रहा है ।प्रदुषन वीभाग परयावरन विभाग ओर सरकार साल कंपनी के संचालको पर कायदेसर की कारयवाही कर कंपनी को सील कीया जाना चाहीये ।
पत्रकार शेरखान जत करछ
शुक्रवार, 29 मार्च 2019
करछ में बन रहे हैं विदेशीयो के आघार कार्ड ।सरकार नींद में
करछ में विदेशीयो के आघार कारड बन रहे हैं की फरीयादें आयी थी ।हमारी टीम ने सचाइ को जानने के लीये रात दिन ऐक कीया ।अंतह हमारे हाथ लगा ऐक पुखता सबूत

प्राइमरी ऐजयुकेशन के जरीये आघार कारड बनाने की कामगीरी चल रही थी उस समय यह प्रुफ हमारे हाथ लगा है ।विदेशीयों के आघार कारड ओर राशन कारड भी बन रहे हैं करछ में खास कर बांगलादेशी ओर नेपालीयो ने तो करछ में आघार ओर राशन कारड ओर इलेकशन कारड तक बनवा लीये हैं।हेरानी की बात यह है के आघार कारडो की जीमेदार ऐजंसीयो ने ही विदेशीयो के आघार कारड पैसै की लालच में कीया है। अंजार ता।पंचायत में बेठने वाले आघार कारड ऐजंसी के जवाबदार लोगो को घके खीला कर आदीपुर कमीशन ओफीस पर बेठ कर आघार कारड बनवा कर करोडो के धपले कर रहे हैं ।तपास हो ऐसी लोगो की मांग है ।आइ बी ओर गुपत्चर ऐजंसीयो को इस विषय पर तपास कर जवाबदारो को हवालात में घकेलना चाहीये ओर देश की सुरकसा को सलामत बनाना चाहीये ।
प्राइमरी ऐजयुकेशन के जरीये आघार कारड बनाने की कामगीरी चल रही थी उस समय यह प्रुफ हमारे हाथ लगा है ।विदेशीयों के आघार कारड ओर राशन कारड भी बन रहे हैं करछ में खास कर बांगलादेशी ओर नेपालीयो ने तो करछ में आघार ओर राशन कारड ओर इलेकशन कारड तक बनवा लीये हैं।हेरानी की बात यह है के आघार कारडो की जीमेदार ऐजंसीयो ने ही विदेशीयो के आघार कारड पैसै की लालच में कीया है। अंजार ता।पंचायत में बेठने वाले आघार कारड ऐजंसी के जवाबदार लोगो को घके खीला कर आदीपुर कमीशन ओफीस पर बेठ कर आघार कारड बनवा कर करोडो के धपले कर रहे हैं ।तपास हो ऐसी लोगो की मांग है ।आइ बी ओर गुपत्चर ऐजंसीयो को इस विषय पर तपास कर जवाबदारो को हवालात में घकेलना चाहीये ओर देश की सुरकसा को सलामत बनाना चाहीये ।
मंगलवार, 26 मार्च 2019
बूटलेगरो की दबंगी कोरट में सरेन्डर ।कानुन की घजीयां उडती देखीये
बूटलेगर अब कानुनी बूटलेगर बन गये हैं।
पुलीस रात दिन बीना खाये पीये बिनअघिकरुत प्रवरुतियां रोकने की केशीश करते हैं ।पर नयायाल्य से आसरा ले कर कानुन की घजीयां उडाते बूटलेगर
पुलीस का सिरदरद बन जाते हैं ।नयायाल्य का काम है नयाय देना न के गुनेहगारो को आसरा ।यह धटना धटी है पुरव करछ के आडेसर पुलीस स्टेशन से आडेसर पुलीस पीऐसआइ लांबरीया साहब ने बूटलेगरो पर पंजा कसा पर कोर्ट ने बूटलेगर को बचाते हुये सरेनडर अरजी पास कर तपासनीश ओफीसरस को कोरट में ही बुला लीया
कोरट की यही निति रही तो बूटलेगरो को पुलीस का खोफ ही नहीं रहेगा ।क्रीमीनलस लोगो में पुलीस ओर कानुन का डर रहेना जरुरी है।
।।।।।पत्रकार शेरखान जत करछ।।।।।
पुलीस रात दिन बीना खाये पीये बिनअघिकरुत प्रवरुतियां रोकने की केशीश करते हैं ।पर नयायाल्य से आसरा ले कर कानुन की घजीयां उडाते बूटलेगर
पुलीस का सिरदरद बन जाते हैं ।नयायाल्य का काम है नयाय देना न के गुनेहगारो को आसरा ।यह धटना धटी है पुरव करछ के आडेसर पुलीस स्टेशन से आडेसर पुलीस पीऐसआइ लांबरीया साहब ने बूटलेगरो पर पंजा कसा पर कोर्ट ने बूटलेगर को बचाते हुये सरेनडर अरजी पास कर तपासनीश ओफीसरस को कोरट में ही बुला लीया
कोरट की यही निति रही तो बूटलेगरो को पुलीस का खोफ ही नहीं रहेगा ।क्रीमीनलस लोगो में पुलीस ओर कानुन का डर रहेना जरुरी है।
।।।।।पत्रकार शेरखान जत करछ।।।।।
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